*आज का विचार* :
आप एक पत्थर उठाएं और उसे किसी भी कुत्ते को दे मारें । आप देखेंगे कि कुत्ता डरकर भाग गया है ।
अब फिर वही पत्थर अब एक मधुमक्खी के छत्ते पर दे मारिए । फिर देखिएगा कि आपका क्या हाल करती हैं मधुमक्खियां ?
पत्थर वही ,आप भी वही हैं । बस फर्क इतना सा है कि कुत्ता अकेला था और मधुमक्खियां समूह में ।
दोस्तों एकजुटता,एकता में ही शक्ति है। अगर हम अभी भी एकजुट नहीं हुए तो न हमारा समाज बदल सकेगा और न ही हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवर पाएगा।
जय रविदास :नमो बुद्धाय :जय भीम
आप एक पत्थर उठाएं और उसे किसी भी कुत्ते को दे मारें । आप देखेंगे कि कुत्ता डरकर भाग गया है ।
अब फिर वही पत्थर अब एक मधुमक्खी के छत्ते पर दे मारिए । फिर देखिएगा कि आपका क्या हाल करती हैं मधुमक्खियां ?
पत्थर वही ,आप भी वही हैं । बस फर्क इतना सा है कि कुत्ता अकेला था और मधुमक्खियां समूह में ।
दोस्तों एकजुटता,एकता में ही शक्ति है। अगर हम अभी भी एकजुट नहीं हुए तो न हमारा समाज बदल सकेगा और न ही हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवर पाएगा।
जय रविदास :नमो बुद्धाय :जय भीम
Comments
Post a Comment