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पद सिलेक्शन

जय भीम जय मूलनिवासी
आज दिनाक २९ /६/२०१७ को कार्य कारणी अध्यक्ष
चुन दिया गया है महेश कुमार जिला अध्यक्ष पलवल की अध्यक्षता मैं
नितेंद्र गोतम को चुना गया है पलवल डिस्ट्रिक से
 जिनका सम्पर्क नंबर  8397033327

Comments

  1. *~~शूद्र(obc sc st ) की हिन्दू धर्म में क्या हैसियत है ???*

    हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अनुसार :- हमारा समाज गुलाम और गुलामी को हम खुद पनाह दे रहे हैं।

    *1, यह जो ब्राम्हण, क्षेत्रीय, वैश्य व शूद्र जो विभाजन है वह मेरा द्वारा ही रचा गया है।* गीता 4-13

    *2, मेरी शरण में आकर स्त्री .वेश्य .शूद्र भी जिन कि उत्त्पति पाप योनि से हुइ है  परम  गति को प्राप्त हो जाते है।* भगवत गीता 9-32

    *3, शूद्र का प्रमुख कार्य तीनो बर्नो की सेवा करना है।* महाभारत  4/50/6

    *4, शूद्र को सन्चित धन से स्वामी कि रक्षा करनी चाहिये।* महाभारत 12/60/36

    *5, शूद्र तपस्या करे तो राज्य निर्धनता में डूब जायेगा।* वा .रामायण 7/30/74

    *6 ढोल .गवार .शूद् पशु नारी  |*
    *सकल ताड़ना के अधिकारी ||* रामचरित मानस 59/5

    *7, पूजिये विप्र सील गुन हीना .शूद्र न गुण गन ग्यान प्रविना।*  रामचरितमानस 63-1

    *8 वह शूद्र जो ब्राम्हण के चरणो का धोवन पीता है राजा उससे कर न ले।*
    आपस्तंबधर्म सूत्र 1/2/5/16

    *9, जिस गाय का दूध अग्निहोत्र के काम आवे शूद्र उसे न छुये।* कथक सन्हिता 3/1/2

    *10, शूद्र केवल दूसरो का सेवक है इसके अतिरिक्त उसका कोइ अधिकार  नही है।* एतरेय ब्राम्हण 2/29/4

    *11,यदि कोइ ब्राम्हण शूद्र को शिक्षा दे तो उस ब्राम्हण को चान्डाल की भाँति त्याग देना चाहिये।* स्कंद पुरान  10/19

    *12, यदि कोइ शूद्र वेद सुन ले तो पिघला हुआ शीशा, लाख उसके कान में डाल देना चाहिये। यदि वह वेद का उच्चारण करे तो जीभ कटवा देना चाहिये। वेद स्मरण करे तो मरवा देना चाहिये।*
    गौतम धर्म शूत्र 12/6

    *13 , देव यज्ञ व श्राद्ध में शूद्र को बुलाने का दंड 100 पर्ण।* विष्णु स्मृति 5/115

    *14,  ब्राम्हण कान तक उठा कर प्रणाम करे, क्षत्रिय वक्षस्थल तक, वैश्य कमर तक व शूद्र हाथ जोड़कर एवं झुक कर प्रणाम करे।*   
    आपस्तंब धर्म शूत्र 1,2,5,/16

    *15, ब्राम्हण की उत्पत्ति देवता से, शूद्रो की उत्पत्ति, राक्षस से हुइ है।*
    तेत्रिय ब्राम्हण 1/2/6/7

    *17 , यदि शूद्र जप ,तप, होम करे तो राजा द्वारा दंडनिय है।*
    गौतम धर्म सूत्र  12/4/9

    *17, यज्ञ करते समय शूद्र से बात नहीं करना चाहिये।*  
    शतपत ब्राम्हाण 3;1/10

    *18, जो शूद्र अपने प्राण,  धन तथा अपनी स्त्री को, ब्राम्हण के लिए अर्पित कर दे ,उस शूद्र का भोजन ग्राहय है।* विष्णु पुराण 5/11

    *👉महाभारत"कहती है - शूद्र राजा नहीं बन सकता।*
    *👉"गीता" कहती है - शूद्र को ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्यों की गुलामी करनी चाहिए*

    *👉"रामायण" कहती है - शूद्र को ज्ञान प्राप्त करने पर मृत्युदंड मिलना चाहिए ।*

    *👉"वेद" कहते है कि शूद्र ब्रह्मा के पैरोँ से पैदा हुआ है इसिलिये वो नीच है ।*

    *👉"मनुस्मृति" के अनुसार - शूद्र का कमाया धन ब्राह्मण को बलात् छीन लेना चाहिए ।*

    *👉"वेद" कहते है - शूद्र का स्थान ऊपर के तीनों वर्णों के चरणों में है।*

    *👉"पुराण" कहते हैं - शूद्र केवल गुलामी के लिए जन्म लेते हैं ।*

    *👉"रामचरित मानस" कहती है - शूद्र को पीटना धर्म है ।*


    *👉यकीन मानो जिन्होनें ये रचना की उन्होनें ही अनेक देवी देवताओं की रचना की जिनका  अछूत,दरिद्र, शुद्र,*

    *👉दलित, हरिजन(देवदासी का पुत्र) समझे जाने वाले भारतीय मूलनिवासियों के उद्धार में कोई योगदान नही।तुम्हारा कभी उद्धार नही होता अगर बाबा साहब का जन्म न होता।तूम आज भी उनके मंदिरो से भगाये जाते हो जो कभी तूम्हारे रहनुमा रहे ही नही।*

    *👉ये ब्रह्मणोंं की दुकान है, समझना मुश्किल है।*

    *👉इनकी सफलता का रहस्य इनके द्वारा रचे गये तमाम पाखण्ड कुरीतियाँ हैं, जो सदियों से तूम्हारे लहू में अफीम की तरह बह रही हैं। जिन्हे छोड़ पाना तूम्हारे लिये असंभव सा है।*

    *👉याद रखो कर्म से बड़ी कोई पूजा नही और बुद्धि से बड़ी कोई शक्ति नही।*

    *👉फिर भी एक सहनशील "शूद्र" अब भी इन हिंसक धर्म ग्रंथो और इन देवी देवताओं को सीने से लगाए फिरता है !*

    *👉......यकीन मानिये .. यही आपकी गुलामी का कारण हैं ।*

    जागो और जगाओ
    अंधविश्वास व
    पाखंडवाद
    भगाओ
    और

    *अपने समाज को जागरुक कर*
    *शिक्षित बनाओ।*
    *जय भीम*

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